बदायूं जनपद की कई ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सूत्रों के अनुसार समसपुर बल्लू, कोल्हाई, दरियापुर, हसुआ नगला और मुड़सान पंचायतों में कराए जा रहे कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन पंचायतों में पंचायत सचिव के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे गौरव शर्मा की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
ताजा मामला ग्राम पंचायत समसपुर बल्लू का बताया जा रहा है। यहां के ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के प्रतिनिधि की कथित मिलीभगत से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण ऐसा किया गया है, जिससे कई घरों की पानी निकासी बाधित हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार रास्तों का पानी बंद होने से जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब गांव निवासी अनेक सिंह ने इस कार्य का विरोध किया तो उन्हें कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि विरोध के दौरान सरकारी प्रभाव का हवाला देकर डराने का प्रयास किया गया, जिससे अन्य ग्रामीण भी भयभीत हो गए और कार्य जारी रहा।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इंटरलॉकिंग निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। आरोप है कि कार्य में पीली रेत का इस्तेमाल किया गया, पत्थर नहीं डाले गए, नाली निर्माण नहीं किया गया और साइड की दीवार में पीली ईंटों का प्रयोग किया गया है, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह है।
नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
(नोट: संबंधित अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है सम्पर्क नहीं हो पाया है। उनका बयान मिलने पर समाचार अपडेट किया जाएगा।)



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