मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री को भेजा मांग पत्र।

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बदायूं - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में पंजीकृत श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में सरकार २३० रुपए की दिहाड़ी एवं वर्ष में १०० दिन का रोजगार देती है, इस योजना में यदि श्रमिक काम करने की मांग करता है और उस श्रमिक को मांग करने के बाद निर्धारित समय में काम नहीं मिलता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।
आज जनपद बदायूं के विकास खंड सहसवान क्षेत्र की पंचायत कोल्हाई में आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह गहलोत ने मनरेगा श्रमिकों की चिंता को सुना और प्रधानमंत्री जी से मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग की है, मनरेगा श्रमिक योगेन्द्र पाल, अजय कुमार, राजपाल,शिशुपाल, भगवान सिंह, हरीराम आदि ने बताया कि उन्हें सरकार २३० रुपए के हिसाब से पैसा देती है वो भी बिलंब से आता है, जोकि आज की मंहगाई को देखते हुए मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी बहुत कम है उनके परिवारों का गुजारा नहीं हो पा रहा है।
श्रमिकों का कहना है कि उनकी दिहाड़ी २३० से बढ़ा कर ४३० रुपए की जाए, यदि दिहाड़ी को नहीं बढ़ाया जाता है तो वह मनरेगा में कार्य नहीं करेंगे अपने परिवार को भरण पोषण हेतु वह गांव से पलायन कर परदेश जाएंगे।
यदि बात मजदूर बाजार एवं अन्य सेक्टरों की करें तो यहां दिहाड़ी ४३० से ५०० रुपए तक है अन्य सेक्टरों को देखते हुए मनरेगा दिहाड़ी बाकई में बहुत कम है आज के समय में आटा ३२ से ४० रुपए तक है दाल की बात करें १०० अन्य सब्जियां ३० से ८० रुपए तक सरसों का तेल १३० से १५७ तक है सरकार को ध्यान देना चाहिए कि इतनी मंहगाई में २३० रुपए में परिवार चल सकता है क्या नहीं चल सकता, सरकार विचार करे और मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी पर संज्ञान लेना चाहिए।

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