“कल्पकथा काव्यगोष्ठी में गूँजे मैया के जयकारे”

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  कल्पकथा साहित्य संस्था की साप्ताहिक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में चैत्र नवरात्रि, प्रभु श्री राम की महिमा, गर्मी एवं चुनाव पर आधारित काव्य रचनाएँ, एवं भक्ति प्रसंग छाए रहे। कल्पकथा संस्थापक श्रीमती राधा श्री शर्मा द्वारा काव्य गोष्ठी का शुभारंभ एवं संचालन, गुरु वंदना एवं गणेश वंदना से किया गया। 
सहभागी रचनाकार मंगल कुमार जैन उदयपुर राजस्थान ने बताया कि काव्य गोष्ठी में देश के विभिन्न प्रदेशों से जुड़े कवियों ने शानदार काव्य पाठ करते हुए वातावरण सुवासित कर दिया। सबसे पहले कल्पकथा साहित्य संस्था के संस्थापक पवनेश मिश्रा ने ज्वाला माई की अनुपम भेंट द्वारा माता के अनोखे चरित्र का सुमधुर वाणी में गायन करके कल्पकथा वेबसाइट पर राम नवमी के पावन दिन पर सम्वाद कुंज आरम्भ करने की घोषणा की। 
कार्यक्रम में सहभागी रचनाकार डॉ ऊषा पाण्डेय कोलकाता (प. बं.),श्रीमती चंद्रकला दुबे डिंडौरी (म. प्र.), प्रो (डॉ) शरद नारायण खरे मण्डला (म. प्र.) ,श्रीमती जया शर्मा प्रियंवदा फरीदाबाद (हरि.) , रामसाय श्रीवास "शास्त्री" बाराद्वार (छ. ग.), श्रीमती राखी शर्मा आसनसोल (प. बं.), भास्कर सिंह माणिक ,कोंच (ऊ प्र) , श्रीमती नीलिमा शर्मा, गाजियाबाद (ऊ. प्र.),कुo चंदा देवी स्वर्णकार जबलपुर (म. प्र.) ,मंगल कुमार जैन उदयपुर (राज.)
बाल कवयित्री कुमारी पाखी जैन उदयपुर (राज.) , रमेश चन्द्रा शामली (उ. प्र.), अंजनी कुमार चतुर्वेदी "श्रीकांत" निवाडी (म. प्र.) ने काव्य पाठ कर काव्य गोष्ठी को ऊंचाइयां दी। कुo दिव्यांजलि वर्मा, अयोध्या उत्तर प्रदेश, ने कार्यक्रम से जुड़कर आयोजन की भूरि - भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन "सर्वे भवन्तु सुखिनः" कल्याण मंत्र से हुआ। सुंदर कार्यक्रम के लिए सभी का आभार मंगल कुमार जैन ने व्यक्त किया।

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