वरिष्ठ पत्रकार के कब्जे में राशन दुकान घटतौली बड़े पैमाने पर,कार्ड धारकों ने लगाए आरोप।

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वरिष्ठ पत्रकार के कब्जे में राशन दुकान घटतौली बड़े पैमाने पर,कार्ड धारकों ने लगाए आरोप।
Ration Ghatatauli news photo


बदायूं - कार्ड धारकों ने  राशन दुकान संचालन करने वाले लोगों पर बड़े स्तर पर घटतोली का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान से शिकायत की है।

पूरा मामला तहसील सहसवान क्षेत्र कोल्हाई की राशन दुकान संख्या 20190126 जोकि जाहरवीर स्वयं सहायता समूह के नाम से है, सूत्रों के अनुसार समूह में एक ही परिवार के 4 सदस्य हैं दूसरे परिवार के दो दो सदस्य हैं नियम के मुताबिक एक परिवार एक सदस्य होना चाहिए।

सूत्र व कार्ड धारकों द्वारा बताया गया  कि राशन दुकान जाहरवीर स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा संचालित नहीं की जाती है दुकान को कोल्हाई निवासी व्यक्ति जो खुद को वरिष्ठ पत्रकार व जिला अपराध निरोधक कमेटी का सचिव बताता है उसके कब्जे में है इस व्यक्ति के द्वारा गरीब कार्ड धारकों से 500 ग्राम प्रति यूनिट से 10 किलो तक राशन की घटतौली की जा रही है, तथा ई पॉश मशीन से निकलने वाली रसीद कार्ड धारकों को नहीं दी जाती है इस मामले की जानकारी कार्ड धारकों द्वारा लगातार ग्राम प्रधान को अवगत कराई जा रहा थी ताकि उनकी समस्या का समाधान ग्राम स्तर पर ही हो सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


सूत्र यह भी बताते हैं कि कार्ड धारकों को दो वर्ष पहले राशन दुकान संचालक द्वारा दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया था जिससे कार्ड धारकों में भय बैठा है और अपनी शिकायत शासन प्रशासन से खुलकर नहीं कर पा रहे हैं कोटेदार दबंग हेकड़ बदमाश किस्म का व्यक्ति है जिससे कोई व्यक्ति उसके सामने बोलने से कतराता है।

कार्ड धारकों का कहना है कि अगस्त माह 2025 में उन्हें कोई राशन नहीं मिला है और 10 सितम्बर 2025 को वितरण होने वाले राशन में ग्राम प्रधान के माध्यम से अपनी पीड़ा को साझा कर शासन प्रशासन से घटतौली कमीशनखोरी पर उक्त दुकान व संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की माँग की है जिसमें लगभग दो दर्जन कार्ड धारकों ने 14 व 16 सितम्बर 2025 को अपने बयान वीडियो के माध्यम से ग्राम प्रधान के पास दर्ज कराएं हैं।

घटतौली कमीशनखोरी पर क्या बोले ग्राम प्रधान।


कार्ड धारक  प्रत्येक माह की तरह आज भी अपनी फरियाद लेकर आएं जो बयान दर्ज कराएं हैं आपके सामने हैं हमने कई बार मौखिक रूप से फोन के माध्यम से राशन दुकान जाहरवीर स्वयं सहायता समूह के संचालकों से घटतौली की शिकायत की और राशन वितरण में सुधार करने का अनुरोध किया जिस पर डीलर की तरफ से कोई सुधार नहीं कराया गया दुकान संचालक दबंग और हेकड़ किस्म दबंग व्यक्ति हैं वह स्वयं या मेली लोगों से sc st एक्ट में फसाने की धमकी देते हैं अब बिवास हो कर आज हमने जिलाधिकारी बदायूँ से कार्यवाही की मांग है जांच कर दुकान को निलंबित कर संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

राशन घटतौली कमीशनखोरी में मुख्य भूमिका में कौन हैं??


इस मामले में सूत्रों का कहना है कि राशन वितरण कराते वक्त गरीबों के राशन की घटतौली में मुख्य भूमिका में पूर्ति निरीक्षक सहसवान हैं जो दुकान की शिकायतों पर फर्जी निस्तारण और शिकायतकर्ता से sc st एक्ट व सरकारी कार्य में बाधा डालने के झूठे आरोप में जेल भेजने की धमकी दे कर जबरदस्ती सहमति व हस्ताक्षर कराते हैं और दुकानदार को घटतौली को बढ़ावा दे रहे हैं।

दूसरी भूमिका में पर्यवेक्षक हैं जो अपनी मौजूदगी में वितरण नहीं करा कर आधा एक घंटा बैठ हस्ताक्षर कर सेल्फी ले कर आर्थिक सांठ गांठ कर अपने निजी कार्य क्षेत्र में वापस चले जाते हैं।

तीसरी भूमिका में निगरानी समिति है  जोकि सक्रीय नहीं है और जांच के दौरान राशन दुकान संचालकों की मदद करते हुए झूठे बयान करते हैं।

घटतौली कमीशनखोरी कैसे हो रही है।


आपको बता दें कि राशन दुकान पर गरीबों के राशन की घटतौली कमीशनखोरी कैसे होती है तो सूत्र व कार्ड धारक बताते हैं कि उदाहरण के लिए किसी परिवार में 7 यूनिट हैं जिसमें एक बेटी का विवाह हो गया और कार्ड धारक ने राशन दुकान संचालक को सूचना दी कि भईया हमारी बेटी की शादी हो गई है उसका नाम पृथक कराने की कृपा करें, अब खेल शुरू होता है घटतौली का जब राशन  लेने कार्ड धारक आता है तो उसे 5 किलो विवाहित बेटी का राशन कम देना प्रारम्भ हो जाता है कार्ड धारक को बता दिया जाता है अब आपके 6 यूनिट हैं जिसका 30 किलो बना हम आपके लिए 27 दे रहे हैं क्योंकि हमें अधिकारियों का खर्चा और राशन भाड़ा पल्लेदारी देना पड़ता है, और 7 किलो की घटतौली की जाना शुरू हो जाती है और इधर राशन कार्ड से यूनिट को पृथक इसीलिए नहीं किया जाता है ताकि उसका राशन बंदरबांट किया जा सके। ठीक इसी तरह से मृतक व्यक्ति का यूनिट पृथक नहीं किया जाता है और घटतौली कमीशनखोरी चलती रहती है।

मृतकों के साथ साथ,GST धारक,10 HP मोटर के नलकूप धारक, पर्याप्त सिंचित भूमि, संविदा कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी मृतक आश्रित पेंशन धारक, प्रधान पद पर रह चुके परिवार जो पात्रता के दायरे में नहीं आने वाले भी वर्षों से खा रहे हैं राशन।

सूत्रों के मुताबिक और ऑनलाइन राशन कार्ड सूची के आधार पर ये गंभीर मामला सामने आया है जोकि पूरी तरह से राशन दुकान संचालकों पर पूरी जिम्मेदारी में जानबूझकर कर बन्दर बांट करने के चक्कर में ऐसा किया जा रहा है राशन कार्ड सत्यापन के दौरान उनके यूनिट काट दिए जाते हैं जो व्यक्ति सीधे स्वभाव के हैं और अपनी बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा सकते हैं।

और राशन घटतौली कमीशनखोरी से इनकार इसलिए और नहीं किया जा सकता क्योंकि कुछ माह पूर्व में जगत ब्लाक कोटेदारों ने स्वयं घटतौली को स्वीकार किया है जोकि खबर दैनिक जागरण समाचार पत्र में विस्तार से प्रकाशित की गई थी।

उपरोक्त मामले में ग्राम प्रधान सहित कई लोगों ने डीएम से शिकायत की है और दुकान सहित दुकान संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है अब देखना ये होगा कि क्या वाकई में शासन प्रशासन इस मामले में गम्भीरता से संज्ञान लेगा और कानूनी कार्रवाई करेगा या फिर हर बार की तरह इस बार भी कागजी प्रक्रिया पूरी करेगा।
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उपरोक्त जानकारी सूत्रों और कार्ड धारकों एवं ग्राम प्रधान के उत्तरों के आधार पर प्रकाशित की जा रही है उपरोक्त किसी आरोप की पुष्टि RNK SOCIAL TV नहीं करता है।

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