निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के पति अथवा संबंधी द्वारा उक्त बैठक में भाग नहीं लिया जा सकेगा।

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पंचायतों की बैठकों में स्वंय प्रतिभाग करें महिला पदाधिकारी



बदायूँ :  जिलाधिकारी अवनीश राय ने शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में बताया कि निर्वाचित महिला पदाधिकारियों द्वारा स्वयं पंचायतों की बैठकों में प्रतिभाग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन के संज्ञान में आया है कि निर्वाचित महिला पदाधिकारियों के स्थान पर उनके पति अथवा अन्य सम्बंधियों व प्रतिनिधियों द्वारा पंचायतों की बैठकों में न केवल भाग लिया जा रहा है वरन् बैठकों की अध्यक्षता कर कार्यों का सम्पादन किया जा रहा है। इस सम्बंध में जिला पंचायत अध्यक्ष, क्षेत्र पंचायत के समस्त प्रमुख व समस्त प्रधानों को पत्र भी भेजा गया है।


उन्होंने बताया कि मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद व मा० सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में गठित एडवाइजरी कमेटी द्वारा भी वर्तमान विहित प्राविधानों के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों के पदेन दायित्वों की जानकारी महिला प्रधानों को प्रदान किए जाने एवं प्रतिनिधियों द्वारा ही कार्यों का सम्पादन सुनिश्चित् किए जाने की व्यवस्था बनाए जाने की अनुशंसा की गयी है।
  उन्होंने बताया कि महिला निर्वाचित पदाधिकारियों के साथ उनके संबंधी व प्रतिनिधि कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे न ही उनसे सम्बन्धित बैठकों में भाग नहीं लेंगे। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा ग्रामसभा व ग्राम पंचायत की बैठक से पर्याप्त समय पूर्व संबंधित पंचायत सचिव (अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी) के द्वारा क्रमशः जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को बैठक की एजेण्डा निर्गत कर लिखित सूचना दी जायेगी।
जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत की बैठक के संदर्भ में किसी अपर जिला अधिकारी तथा क्षेत्र पंचायत बैठक के संदर्भ में किसी उप जिलाधिकारी को पर्यवेक्षक नामित किया जाएगा, जो आगे दिये गये प्रस्तावों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करायेंगे। ग्राम पंचायत/ग्राम सभा की बैठक के अनुसार कार्यवाही जिला पंचायत राज अधिकारी की सहमति से खण्ड विकास अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला पंचायत की बैठकों में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में जिला पंचायत अध्यक्ष अथवा सदस्य के अतिरिक्त कोई भी अन्य सदस्य भाग नहीं लेगा व किसी भी निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के पति अथवा संबंधी द्वारा उक्त बैठक में भाग नहीं लिया जा सकेगा। प्रत्येक स्तर बैठको की कार्यवाही वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी के साथ आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, व्हाहट्सअप समूह, अधिकृत पंचायत संघों में महिला पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता लेते हुए अनुश्रवण की व्यवस्था बनायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पंचायत के भ्रमण पर निर्वाचित महिला अध्यक्ष/प्रमुख/प्रधान द्वारा प्रस्तुतीकरण न कर उनके पुरुष संबंधियों द्वारा निरीक्षण कराये जाते हैं। निरीक्षण कर्ता अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि पंचायत पदाधिकारियों से वार्ता के संदर्भ में वह केवल निर्वाचित महिला पदाधिकारियों को ही संज्ञान में लें। ऐसा करने से एक ओर जहां महिला पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्वयं विचार अभिव्यक्ति करने से पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होगी वहीं दूसरी ओर महिलाओं में नेतृत्त्व एवं महिलाओं की सहभागिता विकास कार्यों में ली जा सकेगी।
  उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्थापित व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन एवं शासनादेश में वर्णित निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, जिससे उच्च न्यायालय एवं  सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो तथा प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ वास्तविक रूप से महिला सशक्तीकरण को मूर्त रूप दिया जा सके।

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