विभागीय अनुमति के बिना जब्त की सरकारी सम्पत्ति विभाग को अभी तक नहीं जानकारी।

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बदायूं - साथियों आज का विषय बड़ा ही गंभीर विषय है आपको बता दें कि मामला विकास खंड सहसवान क्षेत्र से जुड़ा है आरोप है कि पूर्व प्रधान एवं उसके पति, पुत्र द्वारा अपने गांव में ग्राम पंचायत की तरफ से लगाई गई सौर ऊर्जा लाइटों को उतार कर जब्त कर बेच दिया गया लेकिन इसकी खबर किसी गांव वाले व्यक्ति को नहीं हुईं।

मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के विकास खंड सहसवान की पंचायत कोल्हाई का है इस गांव में वर्ष 2018/2019 में सौर ऊर्जा लाइटों को लगाया गया बताया जाता है कि लाईटों को नेडा कम्पनी के द्वारा लगाया जाना था, लेकिन कमीशनखोरी एवं कालाबाजारी करने के उद्देश्य से दो पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधान ने नेडा से लाइटों को नहीं खरीद अन्य कम्पनी की लाईटों को कम कीमत पर लगवा कर नेडा कम्पनी के मूल्य से धन का मनमानी तरीके से व्यय कर सरकारी धन का बन्दर बांट कर लिया जिसकी शिकायत गांव वालों ने की तो लाइट प्रकरण में जांच बैठी जांच में आरोप सिद्ध होने पर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर मुकद्दमा कायम किया गया जिसमें लगभग पंद्रह लाख रुपए से ऊपर की रिकवरी इन आरोपियों से होना तय हुई।
लेकिन सूत्र बताते हैं आरोपी प्रधान परिवार बहुत ही शातिर बदमाश किस्म का है पूर्व प्रधान परिवार ने चोरी से गांव की सभी सोलर लाइट को उतार कर अपनी रिकवरी का धन पूर्ण किया जोकि कानून का उलंघन कर अपराध का कार्य किया है क्योंकि पंचायत में लगे हुए जो भी उपकरण अथवा अन्य सम्पत्ति है वह सरकार सम्पत्ति की सम्पत्ति है इसको अपने कब्जे में नीलामी अथवा विभागीय अनुमति के बिना कोई भी सरकारी सम्पत्ति पर कब्जा करेगा उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।

लाइट प्रधान परिवार ने उतार कर जब्त की है इसकी पुष्टि मुजरिया पुलिस ने की है मुजरिया पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं से आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया है।

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