राजनीतिक बॉसेज का पूरा विश्वास एवं जनता का भरपूर भरोसा मिला।

RNK SOCIAL TV
0
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ पद पर कार्यरत दुर्गा शंकर मिश्रा लगभग 40 वर्ष की भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य के रूप में अपने प्रदेश एवं राष्ट्र स्तर की विभिन्न ज़िम्मेदारियों का पूरे मनोयोग, श्रद्धा, समर्पण एवं सत्यनिष्ठा के साथ निर्वहन के उपरांत कल सेवानिवृत्त हुए। डीएस  मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते कहा कि मेरी इस यात्रा में अपनी सेवा तथा राज्य/केंद्र स्तर की भिन्न-भिन्न सेवाओं के लोक सेवकों का बहुत ही बेहतरीन सहयोग, राजनीतिक बॉसेज का पूरा विश्वास एवं जनता का भरपूर भरोसा मिला। इसके लिए मैं हर एक का अपने दिल की गहराइयों से शुक्रगुज़ार हूँ। 
मेरे पूज्य स्वर्गीय माता-पिता से मिले संस्कारों, धर्मपरायणता व ज़िंदगी के अनमोल मूल्यों तथा गुरुजनों के अपार स्नेह व शिक्षा ने मुझे जीवन की प्राणशक्ति प्रदान की तथा सही एवं ग़लत के अंतर को समझने में सहायता की। इनसे मुझे हमेशा देश की सेवा व भक्ति की प्रेरणा मिली। 

मेरे परिवार के सभी सदस्यों- मेरी धर्मपत्नी, पुत्री व पुत्र ने इस सफ़र में मुझे बिना शर्त प्यार व सहयोग दिया है। ये मेरी सबसे बड़ी ताक़त हर वक्त बने रहे, ताकि मैं अपने कर्तव्य पथ पर अडिग व निर्भीक आगे बढ़ता रहूँ। मेरे दामाद जी व बहुरानी ने इसे और भी मज़बूती दी। गाँव की पृष्ठभूमि से मैं एक बहुत बड़े परिवार से दिल से जुड़ा हूँ- हर किसी ने मेरी राष्ट्रसेवा धर्म पालन में बख़ुशी साथ दिया है। 

परमपिता परमेश्वर की हर समय मुझ पर असीम अनुकम्पा रही। तभी तो मैं एक छोटे से गाँव के पेड़ों की छाया में पढ़ना प्रारंभ कर भारत सरकार में आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव तथा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के गुरुतर उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सका। 

मुख्य सचिव के रूप में मुझे मा॰ मुख्यमंत्री जी का पूरा भरोसा मिला। तभी अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कार्य, जो सेवाकाल के अविस्मरणीय योगदानों में एक है, प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने हेतु तेज़ी से औद्योगीकरण, सुदृढ़ अवस्थापना विकास, हर क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति इत्यादि मेरी हर ज़िम्मेदारी में मा॰ मुख्यमंत्री जी का अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। 

मा॰ प्रधानमंत्री जी ने विगत एक दशक में लोक सेवकों की सोच, समर्पण व श्रद्धाभाव में आमूलचूल परिवर्तन लाया है। मुझे भारत सरकार में सचिव के रूप में उनका भरपूर आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला, जो लोक सेवा में अपनी भूमिका को और ज़्यादा प्रभावी व तेज कर देता है। तभी तो मुझे 06 राष्ट्रीय शहरी मिशन, मेट्रो, आरआरटीएस, सेंट्रल विस्टा, नये संसद भवन का निर्माण इत्यादि कार्यों में अपनी पूर्ण क्षमता के मुताबिक़ योगदान देने का परम सौभाग्य प्राप्त हो सका। 

आज मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा से निवृत्त हो रहा हूँ। किंतु परमेश्वर की असीम कृपा से मिले इस अमूल्य मानव जीवन को राष्ट्र सेवा में बग़ैर थके, बग़ैर रुके अनवरत समर्पित करता रहूँगा। मा॰ प्रधानमंत्री जी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विज़न से पूरी तरह संकल्पित मैं नयी ऊर्जा, नये जोश और पूर्ण समर्पण के साथ अपने महान देश की सेवा कार्य आगे भी अलग तरीक़े से करता रहूँगा। 

हृदय तल की गहराइयों से अपने लगभग 40 साल की लोक सेवा में पूरी क्षमता के साथ हर संभव योगदान देने में मुझे आशीर्वाद, मार्गदर्शन, सहयोग व स्नेह के लिए आज मैं हर किसी को धन्यवाद ज्ञापन करता हूँ। ऐसे तमाम सारे लोग जिन्होंने मेरी इस यात्रा में किसी भी प्रकार से मेरा हाथ पकड़ा है, एवं उनके योगदान को मैं यहाँ व्यक्त नहीं कर सका हूँ, उन्हें भी मैं तहेदिल से  शुक्रिया अदा करता हूँ।
ad
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Thank you for your response. Please wait and we will reply to your query soon.

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default