रिश्वतखोरी की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि चिन्ता जनक।
प्रधानमन्त्री को प्रेषित किया ग्यारह सूत्रीय अपेक्षा पत्र।
जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के तत्वावधान में अध्यक्ष/ संस्थापक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट के नेतृत्व में गांधी उद्यान बदायूं में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष राष्ट्र राग - "रघुपति राघव राजाराम....." का कीर्तन कर रिश्वतखोरी, कमीशन खोरी, मिलावट खोरी और काला बाजारी में लिप्त भ्रष्ट तत्वों को सद्बुद्धि प्रदान करने हेतु प्रार्थना की गई। साथ ही प्रधान मंत्री पद की लगातार तीसरी बार शपथ लेने वाले नरेन्द्र दामोदरदास मोदी को शुभकामनाएं प्रेषित करने के साथ ही एक ग्यारह सूत्रीय अपेक्षा पत्र प्रेषित किया गया।
इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के अध्यक्ष/संस्थापक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने कहा कि देश के प्रधानमन्त्री के रूप में तीसरी बार शपथ लेने वाले नरेन्द्र दामोदरदास मोदी ने चुनाव परिणाम आने के बाद अपने प्रथम संबोधन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने संकल्प को दोहराया। भ्रष्टाचार मिटाने के लिए संबंधित संस्थाओ को समर्थ बनाने की जरूरत है। लोकपाल को क्रियाशील बनाने के साथ ही देश के समस्त राज्यों में अनिवार्य रूप से लोकायुक्त की नियुक्ति आवश्यक है। केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग नौकरशाही के हाथों में सौंप देने के कारण भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में सहायक सूचना कानून दुर्बल हुआ है। रिश्वतखोरी, कमीशन खोरी, मिलावट खोरी और काला बाजारी पर अंकुश के लिए मृत्यु दंड का प्रावधान होना चाहिए किंतु नए कानून में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कठोर उपाय नहीं किए गए हैं। आज संगठन की ओर से ग्यारह सूत्रीय अपेक्षा पत्र प्रधान मंत्री को प्रेषित किया गया है।
श्री राठोड़ ने कहा कि जनपद बदायूं में रिश्वतखोरी की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, सरकारी दफ्तरों में बोहनी की प्रथा ने जन्म ले लिया है। बिना रिश्वत के किसी भी विभाग में नागरिकों के कार्य नही किए जाते है। कार्मिक खुलेआम रिश्वत लेते हैं, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग में कई कार्मिक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं फिर भी रिश्वत खोरी रुक नही रही है। रिश्वत लेने के वीडियो भी समय समय पर वायरल होते रहते हैं।जन प्रतिनिधि भी रिश्वत खोरी की घटनाओं पर मौन है। नागरिकों को रिश्वत देने की प्रवृति त्यागनी होगी। जनपद में रिश्वतखोरी रोके जाने हेतु गांव गांव संकल्प सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमे नागरिकों को रिश्वत न दिए जाने की शपथ दिलाई जाएंगी।
सत्याग्रह में मार्गदर्शक धनपाल सिंह, संरक्षक एम एल गुप्ता, सुरेश पाल सिंह चौहान, केंद्रीय कार्यालय प्रभारी रामगोपाल, नेत्रपाल, श्रीराम आदि की सहभागिता रही।

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