RTI से कोर्ट तक
(सूचना → साक्ष्य → जवाबदेही → न्याय)
1️⃣ RTI आवेदन — सूचना प्राप्ति
(RTI Act, 2005 | धारा 6)
रिकॉर्ड, आदेश, भुगतान, फाइल नोटिंग आदि की मांग
2️⃣ प्रथम अपील (FAA)
(RTI Act | धारा 19(1))
यदि—30 दिन में उत्तर नहीं अधूरी/भ्रामक सूचना
या जानबूझकर टाल-मटोल तो प्रथम अपील अनिवार्य
🚨 महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु (Critical Legal Point)
❗ यदि प्रथम अपील के बाद भी—सूचना उपलब्ध न कराई जाए या प्रथम अपीलीय अधिकारी (FAA) कोई आदेश / प्रतिक्रिया न दे या जानबूझकर मौन साधे रखे
तो यह केवल RTI अधिनियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि
👉 पदीय दुरुपयोग (Abuse of Official Position)
👉 कानून की अवहेलना
👉 न्याय में बाधा की श्रेणी में आता है।
⚖️ ऐसे मामलों में लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धाराएँ
प्रथम अपील अधिकारी / लोक सूचना अधिकारी पर, परिस्थितियों के अनुसार, निम्न धाराएँ आकर्षित हो सकती हैं—
🔹 BNS धारा 197
लोक सेवक द्वारा विधि के विरुद्ध कार्य कर किसी व्यक्ति को क्षति पहुँचाना (पूर्व IPC 166)
🔹 BNS धारा 198
लोक सेवक द्वारा गलत दस्तावेज़ / अभिलेख तैयार करना या सत्य को छिपाना (पूर्व IPC 167)
🔹 BNS धारा 221
लोक सेवक द्वारा विधिक आदेश की अवहेलना
(पूर्व IPC 175)
🔹 BNS धारा 223
लोक सेवक द्वारा विधिसम्मत आदेश का जानबूझकर उल्लंघन (पूर्व IPC 188)
🔹 BNS धारा 61
आपराधिक षड्यंत्र (पूर्व IPC 120B)
📌 यदि PIO + FAA + अन्य अधिकारी मिलकर सूचना दबाते हैं, तो यह सामूहिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) की श्रेणी में भी आ सकता है।
3️⃣ द्वितीय अपील / शिकायत — सूचना आयोग
(RTI Act | धारा 19(3) / 18)
FAA की निष्क्रियता को रिकॉर्ड में लाया जाता है
आयोग का आदेश आगे मजबूत कानूनी आधार बनता है
4️⃣ भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — सूचना से साक्ष्य
प्रमाणित RTI उत्तर FAA की चुप्पी (Deemed Refusal) आयोग आदेश
शपथपत्र
👉 यह सब कानूनी साक्ष्य में परिवर्तित
5️⃣ प्रशासनिक / सतर्कता / लोकायुक्त शिकायत
अब शिकायत केवल RTI उल्लंघन की नहीं, बल्कि—
पदीय दुरुपयोग BNS के अंतर्गत दंडनीय अपराध न्याय में बाधा की होती है।
6️⃣ न्यायालयीन कार्यवाही
(A) आपराधिक कार्यवाही FIR या 156(3) BNSS या परिवाद
आधार:
RTI रिकॉर्ड + FAA की निष्क्रियता + BNS धाराएँ
(B) रिट याचिका — उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226)
वैधानिक कर्तव्य का पालन न करना अधिकारों का हनन कानून का जानबूझकर उल्लंघन
(C) अवमानना
आयोग / कोर्ट आदेश की अवहेलना पर
🔑 Legal Ambit का स्पष्ट सिद्धांत
सूचना रोकना प्रशासनिक गलती नहीं,
बल्कि कई परिस्थितियों में दंडनीय अपराध है।
RTI के बाद मौन = पदीय दुरुपयोग
📌 निष्कर्ष (One Line Doctrine)
RTI + FAA Failure + BNS + BSA = Court Ready Case
यह जानकारी जागरुकता के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर
महावीर पारीक सीईओ & फॉउंडर ने साझा की है और इस जानकारी से लोग जागरूक हुए हैं एवं CEO की सराहना कर रहे हैं।
नीचे इनकी वेबसाइट है अधिक जानकारी यहां देखी जा सकती है।
Legal Ambit
www.legalambit.org


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