राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने हेतु कड़े निर्देश
तिरंगे का सम्मान – हर नागरिक की जिम्मेदारी 🇮🇳
बदायूँ : 13 फरवरी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय (पब्लिक अनुभाग) ने भारतीय झंडा संहिता, 2002 (2021 एवं 2022 में यथासंशोधित) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सभी राज्य सरकारों, संघ राज्य क्षेत्रों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी डीएम अवनीश राय ने दी है।
भारतीय झण्डा संहिता 2002 में निहित मुख्य दिशा निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह ध्वज के प्रदर्शन, उपयोग और संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करे। विशेष रूप से राष्ट्रीय पर्वों, सांस्कृतिक एवं खेल आयोजनों के दौरान कागज से बने राष्ट्रीय ध्वजों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। ऐसे ध्वजों का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सम्मानजनक तरीके से निस्तारण किया जाए तथा उन्हें जमीन पर फेंकने या अपमानजनक स्थिति में छोड़ने से बचा जाए।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि झंडा संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन दंडनीय है। व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा हर परिस्थिति में अक्षुण्ण बनी रहे।


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